चाईबासा कोषागार से लाखों रुपये की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आया है। प्रशासन ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है और पुलिस विभाग के नाम पर हुए भुगतानों की जांच जारी है।
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के चाईबासा कोषागार से अवैध रूप से धन निकासी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि पुलिस विभाग के नाम पर फर्जी बिल बनाकर रकम निकाली गई हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह गड़बड़ी आंतरिक ऑडिट के दौरान उजागर हुई। मामला सामने आते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
विशेष जांच टीम का गठन
घटना की गहराई से जांच के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष टीम बनाई है, जिसमें कोषागार, ऑडिट और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम द्वारा संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है और कर्मचारियों से पूछताछ भी जारी है।
जिला पुलिस प्रमुख Amit Renu ने जानकारी दी कि मामले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बिल, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई।
राशि का अभी नहीं हुआ खुलासा
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितनी राशि की अवैध निकासी की गई है। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह रकम लाखों में बताई जा रही है।
इस घटना ने कोषागार की भुगतान प्रणाली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना पर्याप्त सत्यापन के इतनी बड़ी राशि का भुगतान कैसे हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।
एहतियाती कदम
मामले को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल कोषागार से होने वाले बड़े भुगतानों पर अस्थायी रोक लगा दी है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक नुकसान और जिम्मेदार लोगों की पहचान स्पष्ट हो पाएगी।

