झारखंड में नगर निकाय चुनाव न कराने पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जानिए पूरी खबर।
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। लंबे समय से चुनाव नहीं कराए जाने पर अब हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव को बार-बार टालना संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
इसी मुद्दे पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटने वाली यह सरकार जनता के अधिकारों का हनन कर रही है।
हाईकोर्ट की सख्ती से सरकार पर दबाव
हाईकोर्ट ने सरकार से सख्त शब्दों में जवाब मांगा है कि आखिर क्यों नगर निकाय चुनाव पिछले कई वर्षों से नहीं कराए जा रहे। कोर्ट ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया है।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा
बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा,
“हाईकोर्ट ने कांग्रेस-झामुमो गठबंधन को बड़ा तमाचा मारा है। राज्य के कई नगर निकायों का कार्यकाल सालों पहले समाप्त हो चुका है, लेकिन सरकार प्रशासकों के भरोसे शहरी व्यवस्था चला रही है।”
जनता को किया गया मौलिक अधिकार से वंचित
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार ने शहरी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लिया है।
“शहरों में सफाई व्यवस्था ठप है, नालियां जाम हैं, सड़कों की हालत खराब है, फिर भी सरकार राजनीतिक कारणों से चुनाव से बच रही है। जनता इन सबका जवाब देगी और ऐसी सरकार को कभी माफ नहीं करेगी,” उन्होंने कहा।

