बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला: कहा – JSSC पेपर लीक मामले में सरकार सीआईडी का दुरुपयोग कर रही है |

बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला: कहा – JSSC पेपर लीक मामले में सरकार सीआईडी का दुरुपयोग कर रही है |

रांची:
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि JSSC-CGL परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में सरकार सीआईडी का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की पीठ इस मामले की सुनवाई पूरी कर चुकी है और अब फैसला सुरक्षित रखा गया है, फिर भी राज्य सरकार और उसकी एजेंसियां छात्रों की आवाज़ उठाने वाले लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही हैं।


छात्रों को डराने की कोशिश कर रही सरकार – बाबूलाल मरांडी

मरांडी ने कहा कि इस गंभीर मामले को लगातार उठाने वाले कुणाल प्रताप सिंह और प्रकाश पोद्दार को सीआईडी द्वारा नोटिस भेजा जाना दर्शाता है कि सरकार अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार असली दोषियों को बचाने और निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।


“सीआईडी का हो रहा राजनीतिक दुरुपयोग”

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह झारखंड सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति का एक और उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने नेपाल में पेपर पढ़ा था, लेकिन सीआईडी ने उनमें से केवल एक व्यक्ति को ही आरोपी बनाया, जबकि बाकी नौ लोगों को छोड़ दिया गया

उन्होंने सवाल उठाया कि जब मनीष और दीपिका जैसे लोग परीक्षा में सफल रहे और कोर्ट में इंटरवेनर बने हुए हैं, तो वे किसी अधिकारी के पक्ष में कैसे बयान दे सकते हैं?


सीसीटीवी और कॉल डिटेल जांच पर उठाए सवाल

मरांडी ने आगे कहा कि जिन स्थानों – नियामतपुर, रांची, हजारीबाग, पटना और मंत्री रेजिडेंसी – पर पेपर लीक की बातें सामने आई हैं, वहां की सीसीटीवी फुटेज और कॉल डंप रिकॉर्ड की जांच क्यों नहीं की गई?

उन्होंने पूछा कि नेपाल के जिन होटलों में अभ्यर्थी ठहरे थे, वहां की जांच कितनी पारदर्शी तरीके से की गई? क्या फिजिकल वेरिफिकेशन हुआ?


“झारखंड के युवा अब जाग चुके हैं”

मरांडी ने कहा कि युवाओं की आवाज़ को दबाने की कोशिशें कभी सफल नहीं होतीं। झारखंड के युवा अब अन्याय के खिलाफ एकजुट हैं और इस बार सत्य और न्याय की जीत निश्चित है

उन्होंने सीआईडी अधिकारियों से भी अपील की कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करें।
उन्होंने कहा, “सरकारें बदलती हैं, लेकिन सच्चाई हमेशा कायम रहती है। अगर भविष्य में हाईकोर्ट सीबीआई जांच का आदेश देता है, तो सीआईडी अधिकारियों के दामन पर कोई दाग नहीं होना चाहिए।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *