धनबाद: भूली बी ब्लॉक में तिरुपति बालाजी मंदिर की थीम पर तैयार किया जा रहा 110 फीट ऊंचा भव्य पूजा पंडाल शुक्रवार को तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण भरभराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त पंडाल में कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
पूजा समिति ने मलबा हटवा लिया है और कहा है कि नई व्यवस्था के साथ पूजा की तैयारियां जारी रहेंगी।
लाइट गेट और तोरण द्वार भी गिरे
तेज हवाओं के कारण शहर के मटकुरिया और सरायढेला में बनाए गए लाइट गेट और तोरण द्वार भी धराशायी हो गए। हालांकि, इन घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
9.5 लाख की लागत से बन रहा था पंडाल
जानकारी के मुताबिक, पंडाल का निर्माण करीब 9.5 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा था। बंगाल से आए कारीगर पिछले एक महीने से इस पंडाल को तैयार करने में जुटे थे, जबकि कतरास से आए कारीगर साज-सज्जा का काम देख रहे थे।
कमजोर नींव बनी कारण
समाजसेवी मिथिलेश पासवान ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पंडाल की नींव कमजोर रही होगी। बारिश और तेज हवाओं के कारण संरचना कमजोर हो गई और यह गिर गया। उन्होंने कहा कि पूजा की तैयारियां नहीं रुकेंगी और नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
लोगों ने सुझाव दिया है कि भविष्य में पूजा समितियों को पंडाल निर्माण में इंजीनियरिंग सुरक्षा मानकों और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

