फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिला स्तरीय MDA समन्वय समिति की बैठक, 10 फरवरी को 619 बूथों पर दवा वितरण |

फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिला स्तरीय MDA समन्वय समिति की बैठक, 10 फरवरी को 619 बूथों पर दवा वितरण |

रांची: फाइलेरिया (हाथीपांव) के पूर्ण उन्मूलन को लेकर मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची की अध्यक्षता में Mass Drug Administration (MDA) District Co-Ordination Committee की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 15 जनवरी 2026 को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष से ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुई।

बैठक में उप विकास आयुक्त रांची सौरभ भुवनिया, सिविल सर्जन सदर रांची डॉ. प्रभात कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


10 फरवरी को 619 बूथों पर होगा MDA कार्यक्रम

राष्ट्रीय लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 फरवरी 2026 को रांची जिले में Mass Drug Administration (MDA) अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत जिले के राहे, तमाड़ और सोनाहातु प्रखंडों में कुल 619 बूथों पर फाइलेरिया रोधी दवाओं का वितरण किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने नजदीकी बूथ पर जाकर DEC एवं Albendazole की दवाएं अवश्य लें। यह दवाएं पूरी तरह निःशुल्क और सुरक्षित हैं।

घर-घर जाकर 25 फरवरी तक दवा सेवन सुनिश्चित

जिन लोगों से 10 फरवरी को दवा लेने से छूट जाएगी, उन्हें 25 फरवरी 2026 तक घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। यह अभियान जिले के कांके, सोनाहातु और तमाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्रों में संचालित होगा।

इस दौरान कुल 4,91,014 लक्षित आबादी (गर्भवती महिलाएं, अत्यंत गंभीर बीमार व्यक्ति और 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को छोड़कर) को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान में 1238 दवा प्रशासक तैनात किए गए हैं।


सभी धर्मों और समुदायों की भागीदारी जरूरी

बैठक में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने विशेष रूप से कहा कि फाइलेरिया एक पूरी तरह रोकथाम योग्य बीमारी है, जिसे सामूहिक प्रयास से जड़ से खत्म किया जा सकता है।
उन्होंने अपील की कि सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोग बिना किसी भ्रांति के दवा का सेवन करें, ताकि रांची जिला फाइलेरिया मुक्त बन सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि:

  • यह अभियान मास अभियान के रूप में संचालित हो
  • सोशल मीडिया, पोस्टर, वीडियो और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए

JSLPS महिला समूहों की अहम भूमिका

उपायुक्त ने बताया कि JSLPS (जीविका) से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) इस अभियान की रीढ़ होंगे।
ये समूह:

  • ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाएंगे
  • घर-घर जाकर लोगों को दवा लेने के लिए प्रेरित करेंगे
  • दवा सेवन सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे

उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला समूह होंगे सम्मानित

उत्साहवर्धन के उद्देश्य से उपायुक्त ने घोषणा की कि अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला समूहों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।


विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देश

उपायुक्त ने अभियान की सफलता के लिए विभिन्न विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग को बूथ संचालन और घर-घर दवा वितरण में सहयोग
  • BDO, MOIC, BEO सहित प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को उच्च प्राथमिकता वाले गांवों में विशेष कार्ययोजना
  • ग्रामसभा के माध्यम से जनभागीदारी सुनिश्चित करना
  • कृषक मित्रों, आशा कार्यकर्ताओं और जीविका दीदियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश

“आइए मिलकर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाएं”

बैठक के अंत में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागों, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों, शिक्षकों और सामुदायिक नेताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा:

“आइए मिलकर अपने जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाएं और आने वाली पीढ़ियों को इस विकलांगता से सुरक्षित रखें।”

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